एक रिश्ता, खुद से खुद का

दूसरो के लिए सोचना उन्हे वक़्त देना बहुत सकरात्मक कदम हैं, लेकिन कभी-कभी खुद के लिए वक़्त निकालना और अपने होने का एहसास करना सुकून देता हैं |
समाज में हम बहुत लोगों से रिश्ते बनाते हैं| लेकिन जिस तरफ हम बाहरी रिश्ते बनाते हैं, हमें स्वयं से भी अपना रिश्ता बनाना चाहिए| एस बात पेर बराबर नज़र रखनी चाहिए  की हमारे खुद से रिश्ते कैसे हैं| क्या हम उसका निर्वहन ठीक से कर रहे हैं? वर्तमान की भागदौड़ वाली ज़िंदगी मे हम इतने व्यस्त हो चुके हैं कि हमारे पास खुद के लिए समय ही नही हैं| सुभह से लेकर शाम तक हम जो कुछ भी कर रहे हैं, वो अधिकांश कम दूसरो के लिए होते हैं| स्वयं के के लिए जीने की समझ, संभावना और गुंजाइश, तीनों ही हमारे भीतर से लगभग घूम होते जा रही हैं| अगर आप इस व्यसत जीवन मे खुश रहना चाहते हैं तो तोड़ा वक़्त खुद के लिए निकालना बहुत ज़रूरी है| जिन लोगो के आप देखभाल करते है उनकी लिस्ट मे अपना नाम भी शामिल करें| ऐसा कुछ करें जो आप काफ़ी दिन से करने का सोच रहे थे, लेकिन समय की कमी के चलते नही कर पा रहे| टोरंटो की यॉर्क यूनिवर्सिटी मे हुई एक शोध मे सामने आया की एक हफ्ते तक हर दिन खुद को एक लव लेटर लिखने से अप अगले ६ महीने तक बहुत खुश रहते हैं|


दोस्तो के साथ बिताएं वक़्त
उन दोस्तो से जाकर मिलें जिनसे आप पिछले कुछ समय मे नही मिल पाएं हो| इसमे कोई शक नही की सोशल लाइफ मे बने रहने से स्वस्थ रहा जा सकता है| इसलिए दोस्तो के साथ मिलकर कुछ ऐसा कम करें, जिससे आपको सुकून मिले| ऐसा करने से आपके अंदर एक नई उर्जा का संचार होगा| वक़्त को एस तरह बाटिए की आपके लिए भी तोड़ा सा समय ज़रूर रहे| कुछ लोगो के शोक ही उनका व्यवसाय बन जाते हैं| फिर उन्हे खुद को समय देना ज़रूरी नही होता, लेकिन ऐसे लोग काफ़ी कम हैं| अधिकतर लोगों के शोक और काम, दोनों अलग-अलग होते हैं| काम का दबाव दिमाग़ पर होता हैं और शोक का दबाव दिल पेर|

क्रेडिट लेने मे बुराई नहीं
इस बात को स्वीकरें की अगर आप सफल हैं, तो ज़रूर इसमें आपने खुद की मदद की हैं| क्योंकि आपने मेहनत की है, आप प्रतिभावान हैं और आपने सही समय पर परफॉर्म किया है| जब कोई आपकी तारीफ करे तो 'धन्यवाद' कहकर स्वीकार करना सीखें| ये शब्द ताक़त देता हैं|

खुद की तारीफ रखती है मायने
सतही वाह-वाहीयो पर ज़्यादा निर्भर नही रहना चाहिए| सबसे अच्छा है खुद की नज़र मे उपर उठना| आपकी खुद के लिए क्या राय है ये मायने रखता है| लोगो की राय से खुद को कभी नही आँकें| लगातार खुद से संवाद करना सीखे और अपनी ही नज़रो मे खुद की एक पहचान बनाएँ| अपने अंदर की ताक़त को तुरंत ही महसूस करने लगेंगे|

इन बातों का रखें ध्यान
  • उन चीज़ों पर ज़्यादा फोकस करें जो आपके लिए ज़्यादा मायने रखती हैं. कैलेंडर में खुद से संबंधित बातों को भी फीड करें और उन्हें प्राथमिकता से पूरा करें|

  • अगर आप सुबह जल्दी उठने की आदत डालेंगे तो दिनभर रिलॅक्स फील करेंगे| इस दौरान आप एक्सररसाइज़ कर सकते हैं, पढ़ सकते हैं और अपने बारे मे सोच सकते हैं| वैसे भी सुबह जल्दी उठने वाले कई बीमारियो से दूर रहते हैं|

  • मेहनत के अनुरूप परिणाम ना मिलने पर दुख होता हैं, लेकिन उसे वजह बनाकर अपनी प्रोडुक्टिविटी को कम ना होने दें|
ग्रहिणियों के लिए जरूरी
  • दोस्त हो जो मुसीबत से उबार सके और जिस पर आँख मूंदकर भरोशा कर सकें|

  • बातों को शेयर करें न की अपने मन पर बोझ को दिन-ब-दिन बढ़ाते जाएँ|

  • दूसरो की वजह से अपने कार्यक्रम तय करने मे आपको परेशानी आ रही है, तो उन्हे ये बात बेहिचक बताएँ|

  • फिल्म देखना, गाना सुनना, मॉर्निंग वॉक, नियमित व्यायाम मन के लिए अच्छा है|


Published in Dainik Bhaskar  “DB Star-Indore”  on 2016, Apr 19

Published in Dainik Bhaskar "DB Star-Indore" on 2016, Apr 19

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